चरथावल कस्बे में जाहिद स्कूल के पीछे रहने वाले तहसीन ने बताया- वे मंगलवार सुबह मजदूरी करने के लिए घर से निकल गए थे। दोपहर में पत्नी गुलिस्ता, 3 महीने की बच्ची कलसुम को दूध पिलाने के बाद घर के बाहर घरेलू काम निपटा रही थी। तभी दोपहर करीब 2 बजे छत के रास्ते एक बंदर घर में घुस आया।
रेस्क्यूअर सन्नी चोपड़ा ने बताया- वह मादा बंदर थीं। उसके बच्चे की 6 दिन पहले मौत हो गई थी। इस वजह से जब उसने 3 महीने के बच्चे को देखा तो उसे अपना बच्चा समझने लगी। उसके पास बैठ गई। जब उसे लगा कि लोग उसे उसके बच्चे से अलग कर रहे हैं तो वह आक्रामक हो गई। अन्यथा उसने बच्चे को एक बार भी चोट नहीं पहुंचाई। फिलहाल बच्चे को रेस्क्यू कर लिया गया है। बच्चा पूरी तरह से सुरक्षित है।