पश्चिमी एशिया के संघर्ष के कारण विकास योजनाओं को झटका लगना शुरू हो गया। पिछले एक महीने के दौरान सड़कों निर्माण में प्रयुक्त होने वाले तारकाेल के दामों में दोगुना उछाल आने से ठेकेदारों में बेचैनी बढ़ रही है। कई कार्यदायी संस्थाएं सड़कों के निर्माण कार्यों को बंद करने को मजबूर है। तारकोल की एक गाड़ी पर करीब 7-8 लाख रुपये की वृद्धि हो गई है।
मुजफ्फरनगर जिले में लोनिवि के दो खंड़ों में करीब 100 ठेकेदार पंजीकृत है। सड़कों का कार्य करते है। जिन ठेकेदारों से कम दाम पर निविदा ले रखी है, उन्हें काम पूरा करने को लेकर मायूसी है। इस विभाग के अलावा सिचाई खंड के अधीन नहर और रजबहों की पटरियों का निर्माण बाधित होगा। नगर पालिका में शहरों की सड़कों के निर्माण में दिक्कत आएगी।

From Ankita Mishra🌺, Teacher (Gov.)