प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ड्रेस कोड अनिवार्य किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे छात्रों में समानता, अनुशासन और सामाजिक समरसता बढ़ेगी। नई व्यवस्था का उद्देश्य शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाना और छात्रों को भेदभाव से मुक्त समान माहौल उपलब्ध कराना है।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के निर्देश पर उच्च शिक्षा विभाग ने इसके लिए कवायद शुरू कर दी है।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि कई बार पहनावे के माध्यम से सामाजिक और आर्थिक असमानता दिखाई देती है।
इससे छात्र-छात्राओं का ध्यान शिक्षा और व्यक्तित्व विकास पर अधिक केंद्रित रहेगा।